लखनऊ। बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालयों में नियमित समाचार पत्र पठन को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के साथ-साथ उनमें जागरूकता, तार्किक सोच और जिम्मेदार नागरिक होने का भाव विकसित करेगी।
प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने गुरुवार को बताया कि छात्रों के समग्र विकास के लिए पाठ्यक्रम आधारित पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, भाषा पर पकड़ और आलोचनात्मक सोच को सशक्त करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
डॉ. शन्मुगा सुन्दरम ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विद्यालय के पुस्तकालय में प्रतिष्ठित एवं गुणवत्तापूर्ण हिंदी तथा अंग्रेजी समाचार पत्रों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों को समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञान, अर्थव्यवस्था, समसामयिक घटनाओं, नवीन विकास और खेल से संबंधित समाचार पढ़ने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए।

जारी निर्देशों के तहत प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद तथा कक्षा का नियमित पठन-पाठन शुरू होने से पहले 10 मिनट का समय समाचार पत्र पठन के लिए निर्धारित किया जाएगा। इसके साथ ही रोजाना पांच नए या कठिन शब्द उनके अर्थ सहित बोर्ड पर लिखे जाएंगे। विद्यालय के मुख्य डिस्प्ले बोर्ड पर ‘आज का सुविचार’ प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है।
वहीं कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए सप्ताह में एक दिन संपादकीय लेखों पर आधारित मौलिक लेखन या समूह चर्चा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। जूनियर वर्ग के विद्यार्थियों से विज्ञान, पर्यावरण और खेल विषयों पर न्यूज क्लिपिंग स्क्रैपबुक तैयार कराई जाएगी। छात्रों की मानसिक और तार्किक क्षमता बढ़ाने के लिए सुडोकू, शब्द पहेली और ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा विद्यार्थियों को अपने विद्यालय की त्रैमासिक समाचार पत्र या पत्रिका तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिसका संपादन स्वयं विद्यार्थियों की टीम करेगी।
यह भी पढ़ें : पीजीआई लखनऊ का दावा: मार्च बाद शुगर की चमत्कारिक दवा हो जाएगी काफी सस्ती
